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19 February Sanskrit Class 10th Viral Question Paper 2026 bihar board

19 February Sanskrit Class 10th Viral Question Paper 2026 bihar board 

वर्तमान समय में शिक्षा और तकनीक का गहरा संबंध बन चुका है। सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के कारण परीक्षा से संबंधित सूचनाएँ बहुत तेजी से फैलती हैं। हाल ही में 19 फरवरी 2026 को कक्षा 10 की संस्कृत परीक्षा को लेकर प्रश्नपत्र वायरल होने की चर्चा हुई। ऐसी घटनाएँ विद्यार्थियों के मन में भ्रम और चिंता उत्पन्न करती हैं।

संस्कृत एक प्राचीन और अनुशासनपूर्ण भाषा है, जो ज्ञान, संस्कार और संस्कृति का आधार मानी जाती है इस विषय की परीक्षा में प्रश्नपत्र वायरल होने की अफवाहें छात्रों की मेहनत और ईमानदारी पर प्रश्नचिह्न लगा देती हैं। जो विद्यार्थी नियमित अध्ययन करते हैं, वे स्वयं को असुरक्षित महसूस करने लगते हैं।

19 February Sanskrit Class 10th

19 February Sanskrit 2026 

1. भगवान् बुद्ध ने पटना के संबंध में क्या कहा था ?

उत्तर – भगवान् बुद्ध ने पटना (पाटलिपुत्रग्राम) के बारे में कहा था 3. कि यह गाँव एक दिन महानगर बनेगा लेकिन इस नगर में आपसी झगड़ा, आगलगी और बाढ़ के भय से हमेशा पीड़ित रहेगा।

2. पाटलिपुत्र के वैभव पर प्रकाश डालें ।

उत्तर’ – पाटलिपुत्र वैभवम्’ पाठ में बिहार की राजधानी पटना के प्राचीन महत्व का निरूपण किया गया है। इसका इतिहास लगभग 2500 वर्षों का है। यहाँ धार्मिक स्थान, राजनीतिक स्थान और औद्योगिक स्थान विशेष रूप से आकर्षक हैं। विदेशी यात्री मेगास्थनीज, फा‌ह्यान, हुयेनसांग, इत्सिंग आदि लोगों ने पटना का वर्णन अपने-अपने रचित ग्रंथों में किया है।

3. पाटलिपुत्र शब्द कैसे बना ?

उत्तर– पाटलि ग्राम शब्द से पाटलिपुत्र शब्द बना। क्योंकि पाटलिपुत्र यह शब्द भी गुलाब फूलों की गुड़िया रचना लेकर प्रचलित हुआ।

4. कौन-कौन से विदेशी यात्री पटना आये थे ?

उत्तर– मेगास्थनीज, फाह्यान, हुयेनसांग एवं इत्सिंग विदेशी यात्री पटना आये थे।

5. पटना में कौमुदी महोत्सव कब मनाया जाता था ?

उत्तर- पटना में कौमुदी महोत्सव शरद् ऋतु में मनाया जाता था, जो गुप्तवंश के शासनकाल में बहुत प्रचलित था

6. पाटलिपुत्र शब्द कैसे बना ?

उत्तर-पाटलि ग्राम शब्द से पाटलिपुत्र शब्द बना। क्योंकि पाटलिपुत्र यह शब्द भी गुलाब फूलों की गुड़िया रचना लेकर प्रचलित हुआ.

7.पटना के मुख्य दर्शनीय स्थलों का नामोल्लेख करें।

उत्तर- पटना के मुख्य दर्शनीय स्थल संग्रहालय, उच्च न्यायालय, सचिवालय, गोलघर, तारामण्डल, जैविक उद्यान, मौर्यकालीन अवशेप, महावीर माँदर, गुरुद्वारा इत्यादि है

8. पटना में कौमुदी महोत्सव कब मनाया जाता था ?

उत्तर- पटना में कौमुदी महोत्सव शरद् ऋतु में मनाया जाता था, जो गुप्तवंश के शासनकाल में बहुत प्रचलित था।

9. पटना का गुरूद्वारा किसके लिये और क्यों प्रसिद्ध है।

उत्तर – सिख संप्रदाय के लोगों के लिए पटना नगर प्रसिद्ध हैं क्योंकि सिख संप्रदाय के दसवें गुरू गोविंद सिंह का जन्म यहाँ हुआ था और वह जन्म स्थल आज गुरूद्वारा के नाम से जाना जाता है

10. शैक्षणिक संस्कार कौन-कौन से हैं? शिक्षा संस्कार का वर्णन करें।

उत्तर-शैक्षणिक संस्कार अक्षरारम्भ, उपनयन, वेदारम्भ, केशांत (मुंडन) और समावर्तन है। अक्षरारंभ में बच्चा अक्षर लेखन और अंकलेखन आरंभ करता है। उपनयन संस्कार में गुरू के द्वारा शिष्य को अपने घर में लाना पड़ता है। वहाँ शिष्य शिक्षा नियमों का पालन करते हुए अध्ययन करते थे। प्राचीन काल में शिष्य ब्रह्मचारी कहे जाते थे।

11.संस्कार किसे कहते हैं ? विवाह संस्कार का वर्णन करें 

उत्तर – संस्कार व्यक्ति में शुद्ध गुणों के ग्रहण को संस्कार कहते है। विवाह संस्कार से ही मनुष्य गृहस्थ जीवन में प्रवेश करता है। विवाह पवित्र सस्कार माना जाता है जिसमें अनेक प्रकार के कर्मकाण्ड किये जाते है। उनमें वाग्दान, मण्डप निर्माण, लड़की के घर पर वरपक्ष का स्वागत, वर-वधू का परस्पर निरक्षण, कन्यादान, अग्नि स्थापना, पाणिग्रहण, लाजाहोम, सिन्दुरदान इत्यादि हैं। सभी जगह समान रूप में विवाह संस्कार का आयोजन होता है।

12. केशान्त संस्कार का वर्णन करें ।

उत्तर-केशांत संस्कार में गुरू के घर पर ही शिष्य का प्रथम क्षौरकर्म (हजामत) होता था। इसमें गोदान मुख्य कर्म होता था। क्योंकि साहित्य ग्रंथों में इसका दूसरा नाम गोदान संस्कार भी मिलता है।

13. गर्भाधान संस्कार का प्रयोजन क्या है?

उत्तर- जन्म से पूर्व संस्कारों में गर्भाधान संस्कार का वर्णन किया गया है। इस संस्कार में गर्भ की रक्षा करना, गर्भस्थ शिशु में संस्कार जगाना एवं गर्भवती को खुश रखना।

14. नीतिश्लोकाः’ पाठ के आधार पर पंडित की परिभाषा दें।

उत्तर- जिसके कर्म को सर्दी-गर्मी, भय आनंद और उन्नति-अवनति बाधा नहीं डालते है, उस व्यक्ति को पंडित कहा जाता है। इतना ही नहीं, सभी जीवों के तत्व को जानने वाले, सभी कर्म के योग को जानने-वाले और मनुष्यों के उन्नति के उपाय जानने वाले व्यक्ति को पंडित कहते हैं।

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